Thursday, August 20, 2009


जो इस भूल में रहते है कि हम भाग्य से आगे बढ़ते है,
उन्हें नहीं मालूम कि भाग्य भी उन्ही के साथ चलता है जो मेहनत करते है|
दुनिया के इस दस्तूर कि क्या दुहाई दूँ ,
लोग मशहूर को मगरूर कहते है|
हर कदम पर लोगों कि नफरत भरी निगाहें
हमे पीछे मुड़ने को मजबूर करती है
इस बेदर्द दुनिया में किसे कहे अपना
अपने ही अपनों को ठोकर मारकर दूर करते है
ज़िन्दगी के मुश्किल दौर में किस पर करे भरोसा
हमदर्द ही मरहम कि जगह माहुर देते है
क्यूँ करूँ इस ज़िन्दगी से इतनी शिकायत
हम इस ज़िन्दगी का सम्मान करते है
कुछ तो है इस ज़िन्दगी में खास
तो क्यूँ हम अपनी ज़िन्दगी कि शाम करते है
क्यूँ डरे इस काटों भरी महफिलों से
हम तो फूलों के रंगों से गुलशन को गुलज़ार करते है
काले बादलों के सायों में क्या छिपना
हम तो रोशिनी से प्यार करते है
कोई हो या न हो हमारे साथ
हम तो अपनी खुशियों का आगाज़ करते है
कुछ कर गुजरने की चाह में
हम ज़मीन आसमान एक करते है
चुनौतियों से क्या सिहरना
हम परों से नहीं हौसलों से उड़न भरते है
दुखों से हमे क्या चुभन
हम तो खुशियों को अपने दामन में समेटे रहते है
मौत को ज़िन्दगी का आखिरी पयान कहने वालों
हम तो जिंदादिली को ज़िन्दगी का आयाम कहते है
अपने पैरों पर खड़े होने को
हम अपना मुकाम कहते है
भाग्य के भरोसे रहने वालों
हम तुम्हे नाकाम कहते है !!!


~~ स्तुति

8 comments:

  1. अच्छे भाव की अभिव्यक्ति स्तुति जी। जब आपकी ये पंक्तियाँ पढ़ रहा था कि-

    लोग मशहूर को मगरूर कहते है|
    हर कदम पर लोगों कि नफरत भरी निगाहें
    हमे पीछे मुड़ने को मजबूर करती है
    इस बेदर्द दुनिया में किसे कहे अपना
    अपने ही अपनों को ठोकर मारकर दूर करते है

    तो मेरी कभी की लिखी ये पंक्तियाँ याद आयीं-

    बहुत मशहूर होने पर हुआ मगरूर मैं यारो।
    नहीं पूरे हुए सपने हुआ मजबूर मैं यारो।
    वो अपने बन गए जिनसे कभी रिश्ता नहीं लेकिन,
    यही चक्कर था अपनों से हुआ हूँ दूर मैं यारो।।

    शुभकामना।

    सादर
    श्यामल सुमन
    www.manoramsuman.blogspot.com

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  2. ब्लॉगजगत में आपका स्वागत है. निरंतर लेखन से हिंदी चिट्ठाजगत को समृद्ध करे.

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  3. काले बादलों के सायों में क्या छिपना
    हम तो रोशिनी से प्यार करते है
    कोई हो या न हो हमारे साथ
    हम तो अपनी खुशियों का आगाज़ करते है

    बहुत सुन्दर भावः...एक सकारात्मक सोच...बधाई

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  4. बहुत सुन्दर रचना
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    SANJAY
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  5. truly inspiring & positive,welcome sir.
    motivation is highly needed in depressing situations.

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  6. प्रोत्साहन और प्रशंषा के लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद :) नारायण..

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  7. हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं......
    इधर से गुज़रा था, सोचा सलाम करता चलूं..
    www.samwaadghar.blogspot.com

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